संस्कृत शिक्षा के 22 विद्यालयों में 136 पद रिक्त, महज 49 शिक्षक कार्यरत
1508 विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित, कई विद्यालय प्रतिनियुक्ति के भरोसे; गणित, विज्ञान और अंग्रेजी जैसे प्रमुख विषयों के पद भी खाली

सिरोही। रक्षा बंधन के पर्व के साथ आज संस्कृत दिवस भी मनाया जा रहा है, लेकिन सिरोही जिले में संस्कृत शिक्षा विभाग के विद्यालय शिक्षकों की भारी कमी से जूझ रहे हैं। विभाग से संबंधित उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जिले के 22 संस्कृत विद्यालयों में 1508 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इन विद्यालयों में शिक्षकों के कुल 185 पद स्वीकृत हैं, लेकिन इनमें से मात्र 49 शिक्षक ही कार्यरत हैं, जबकि 136 पद रिक्त हैं। शिक्षकों की कमी के चलते कई विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था प्रतिनियुक्ति के माध्यम से चलानी पड़ रही है।
वरिष्ठ उपाध्याय विद्यालयों में हालात चिंताजनक
12वीं तक संचालित राजकीय वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत विद्यालयों में स्थिति और अधिक गंभीर है। झाडोली में 17 स्वीकृत पदों में मात्र 5 शिक्षक कार्यरत हैं और 12 पद रिक्त हैं। बावली में 16 में से 4 शिक्षक कार्यरत तथा 12 पद रिक्त हैं। वलदरा में 16 स्वीकृत पदों में मात्र 3 शिक्षक कार्यरत हैं, जबकि 13 पद खाली हैं। नई जमीन में 11 स्वीकृत पदों में एक भी शिक्षक कार्यरत नहीं है और विद्यालय की व्यवस्था प्रतिनियुक्ति से संभाली जा रही है।
इसी प्रकार नागाणी में 12 में से 3 शिक्षक कार्यरत और 9 पद रिक्त हैं। कृष्णगंज में 13 पदों में 5 शिक्षक कार्यरत तथा 8 रिक्त हैं। गोलियावास-उमरणी में 16 में से 5 शिक्षक कार्यरत और 11 पद रिक्त हैं। मूंगथला में 14 स्वीकृत पदों में 5 शिक्षक कार्यरत हैं, जबकि 9 पद खाली हैं।

इन विद्यालयों में गणित, विज्ञान और अंग्रेजी जैसे प्रमुख विषयों के विषयाध्यापकों के पद भी बड़ी संख्या में रिक्त बताए जा रहे हैं। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई सीधे तौर पर प्रभावित हो रही है।
उच्च प्राथमिक विद्यालय भी शिक्षकों की कमी से जूझ रहे
आठवीं तक संचालित राजकीय संस्कृत उच्च प्राथमिक विद्यालयों में भी स्थिति बेहतर नहीं है। झाडोली में 6 स्वीकृत पदों में 2 शिक्षक कार्यरत और 4 पद रिक्त हैं। जियापुरा-कोजरा में 4 में से केवल एक शिक्षक कार्यरत है, जबकि 3 पद रिक्त हैं। गोलिया नांदिया में 4 स्वीकृत पदों में एक भी शिक्षक कार्यरत नहीं है और व्यवस्था प्रतिनियुक्ति से चल रही है। सिलवणी में भी 4 पद स्वीकृत होने के बावजूद एक भी शिक्षक कार्यरत नहीं है तथा विद्यालय प्रतिनियुक्ति के भरोसे संचालित हो रहा है।
अन्य विद्यालयों में भी शिक्षकों की कमी बनी हुई है। पोसालिया में 6 में से एक शिक्षक कार्यरत और 5 पद रिक्त हैं। बोसनी की ढाणी (उथमण) में 4 में से एक शिक्षक कार्यरत और 3 रिक्त हैं। गणेशनगर-बड़गांव में 5 में से एक शिक्षक कार्यरत और 4 पद रिक्त हैं। डोड़ुआ में 6 में से 3 शिक्षक कार्यरत तथा 3 रिक्त हैं। सिरोड़ी में 6 में से 2 शिक्षक कार्यरत और 4 पद रिक्त हैं। अनादरा में 4 में से एक शिक्षक कार्यरत और 3 पद रिक्त हैं। आबूरोड में 5 में से 3 शिक्षक कार्यरत तथा 2 पद रिक्त हैं। वराडा में 6 स्वीकृत पदों में मात्र एक शिक्षक कार्यरत है और 5 पद रिक्त हैं। डबानी में 4 पदों में एक शिक्षक कार्यरत और 3 पद रिक्त हैं।
वलदरा में 13 पद खाली, प्रमुख विषयों की पढ़ाई प्रभावित
वलदरा गांव के सामाजिक कार्यकर्ता सुरेश पुरोहित ‘जुगनू’ ने बताया कि गांव में 12वीं तक का वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत विद्यालय संचालित है। विद्यालय में करीब 16 शिक्षकों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में मात्र दो तृतीय श्रेणी शिक्षक कार्यरत हैं तथा एक शिक्षक अन्य विद्यालय से प्रतिनियुक्ति पर लगाया गया है। करीब 13 पद रिक्त हैं। इनमें प्रधानाचार्य, व्याख्याताओं और विषयाध्यापकों के पद शामिल हैं। तृतीय श्रेणी के पांच पद भी रिक्त बताए गए हैं। इसके अलावा यूडीसी का पद भी खाली है।
उन्होंने बताया कि अंग्रेजी, विज्ञान और गणित जैसे प्रमुख विषयों के शिक्षक नहीं होने से विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों का अन्यत्र पलायन भी हो रहा है।
विभाग से शिक्षकों की नियुक्ति की मांग
संस्कृत शिक्षा के विद्यालयों में बड़ी संख्या में पद रिक्त रहने से शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है। करीब आधा दर्जन विद्यालयों में प्रतिनियुक्ति के माध्यम से व्यवस्था संभाली जा रही है। ऐसे में विद्यार्थियों के हित में रिक्त पदों पर शीघ्र शिक्षकों की नियुक्ति तथा प्रमुख विषयों के शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना आवश्यक है, ताकि संस्कृत शिक्षा के इन विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों की पढ़ाई सुचारु रूप से हो सके।
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